ममता बनर्जी जीवन परिचय | Mamata Banerjee Biography in Hindi

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का जीवन परिचय, परिवार, शिक्षा, पति, विवाह, जाति, संपत्ति (Mamata Banerjee Biography Age, Wiki, Photo, Family, Education, Husband, Marriage, Cast, Net worth in Hindi)

आज हम आपको अपने इस लेख में एक ताक़तवर महिला राजनेता के बारे में संपूर्ण जानकारी साझा करने जा रहे है,  जिनका नाम ममता बनर्जी है। ममता बनर्जी जो की बंगाल की मुख्यमंत्री है, और विपरीत परिस्थितियों के बीच भी मुख्यमंत्री के पद पर बरकरार है। ममता बनर्जी का जीवन परिचय में इनके संघर्ष के बारे में जानेंगे।

ममता बनर्जी जीवन परिचय | Mamata Banerjee Biography in Hindi

नाम ममता बनर्जी
उपनाम दीदी
जन्म तिथि 5 जनवरी 1955
जन्म स्थान पश्चिम बंगाल, कोलकाता
पिता का नाम प्रोमिलेश्वर बनर्जी
माता का नाम गायत्री बनर्जी
भाई का नाम अमित बनर्जी, अजीत बनर्जी, काली बनर्जी, बाबेन बनर्जी, गणेश बनर्जी और समीर बनर्जी
वैवाहिक स्थिति अविवाहित
धर्म हिन्दू
जाति
ब्राह्मण
व्यवसाय राजनीति और सामाजिक वर्क
शिक्षा बीए, एमए, एलएलबी
कॉलेज जोगमाया देवी कॉलेज, श्री शिक्षायत कॉलेज, जोगेश चन्द्र चौधरी लॉ कॉलेज, कोलकाता
शौक घूमना, पेंटिंग करना
राजनीतिक पार्टी आल इंडिया तृणमूल कांग्रेस
राष्ट्रीयता भारतीय
संपत्ति 31 लाख रुपए (2022 के अनुसार)
स्थाई पता R/O 30 बी, हरीश चटर्जी स्ट्रीट, कोलकाता – 700026

ममता बनर्जी का जन्म (Mamata Banerjee Birth and Introduction)

आज के समय में ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) की हेड है। ममता बनर्जी का जन्म 5 जनवरी 1955 में कोलकाता के एक मिडिल क्लास फैमिली में हुआ था। इन्होंने कॉलेज वाले दिनों से ही राजनीति में प्रवेश करने का निर्णय लिया था। हालांकि, अभी ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री है लेकिन इससे पहले ये देश की सांसद में बंगाल के सबसे यंग सांसद और भारत सरकार के केंद्र मंत्री जैसे पोस्ट पर भी कार्य कर चुकी है।

ममता बनर्जी की शिक्षा (Mamata Banerjee Education)

ममता बनर्जी ने अपनी शुरुआती शिक्षा भी कोलकाता से ही शुरू किया था। जानकारी के मुताबिक जब ममता बनर्जी महज 9 वर्ष की थी तब उनके पिता प्रोमिलेश्वर बनर्जी ने दुनिया को अलविदा कह दिया था। जिसके पश्चात कोलकाता के जोगोमाया देवी नाम के कॉलेज से ही ममता ने अपनी ग्रेजुएशन पूरा किया और फिर ग्रेजुएट करने के बाद कोलकाता के यूनिवर्सिटी से इस्लामिक हिस्ट्री में भी पोस्ट ग्रेजुएशन किया। इतना ही नहीं बल्कि ममता ने जोगेश सी चौधरी लॉ नाम के कॉलेज से भी कानूनी की डिग्री को भी प्राप्त किया है।

महज 15 वर्ष की आयु में जुड़ी थी कांग्रेस पार्टी से

70 के दशक में जब ममता बनर्जी की आयु महज 15 वर्ष थी तब इन्होंने कांग्रेस पार्टी से जुड़ने का सोचा और जुड़ी भी। यही नहीं, कहा यह भी जाता है कि सबसे पहले 1976 में ममता बनर्जी ने एक पदाधिकारी के रूप में अपना कार्य संभाला था। इससे पहले पश्चिम बंगाल में 1975 के दौरान ममता को महिला कांग्रेस की निजी सेक्रेटरी के तौर पर भी नियुक्त किया गया था। जिसके पश्चात 1978 में जिला कांग्रेस कमेटी के सेक्रेटरी के तौर पर भी ममता को नियुक्त किया गया।

मुख्यमंत्री के रूप में ममता बनर्जी ने 10 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया (Chief Minister)

पश्चिम बंगाल के इतिहास में ममता बनर्जी पहली महिला ऐसी है जिन्हे महिला मुख्यमंत्री के तौर पर जाना जाता है। यही नहीं ममता बनर्जी की पहचान देश की उन लीडर्स में से एक है जो कि अपने निर्णय और उग्र रवैये के लिए काफी प्रसिद्ध है। एक दौर ऐसा था जब कांग्रेस पार्टी में राजीव गांधी जैसे लीडर्स की सहयोगी रहने वाली यह महिला वर्तमान में पश्चिम बंगाल की स्ट्रॉन्ग मुख्यमंत्री के तौर पर 10 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया है।

ममता बनर्जी की राजनीतिक सफर (Political Career)

  • 1976 से लेकर 1980 तक का सफर :- आपको बता दूं कि 1978 से लेकर 1980 तक के सफर के दौरान ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में एक महिला कांग्रेस (I) की महासचिव के रूप में कार्य किया।
  • 1978 से लेकर 1981 तक का सफर :- इस दौरान ममता बनर्जी कलकत्ता दक्षिण की जिला कांग्रेस कमेटी के सेक्रेटरी के रूप में कार्य किया।
  • 1984 का सफर :- 1984 के सफर के दौरान ममता बनर्जी को 8वी बार लोकसभा के मेंबर्स के रूप में चुना गया। यही नहीं इस दौरान ममता बनर्जी अखिल भारतीय युवा कांग्रेस की सेक्रेटरी भी बनाया गया।
  • 1985 से लेकर 1987 तक का सफर :- इस वर्ष के दौरान ममता बनर्जी को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की समिति की मेंबर भी बनाया गया।
  • 1987 से लेकर 1988 तक का सफर :- इस सफर के दौरान ममता बनर्जी कांग्रेस संसदीय दल की कार्यकारी समिति की मेंबर भी बनाई गई।
  • 1989 का सफर :- इस सफर के दौरान ममता को स्टेट की प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारी समिति की मेंबर भी बनाया गया।
  • 1990 का सफर :- 1990 के सफर के दौरान ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की युवा कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया था।
  • 1991 का सफर :- इस दौरान ममता बनर्जी को 10वी लोकसभा की मेंबर के रूप में फिर से चुना गया था।
  • 1991 से लेकर 1993 तक का सफर :- इस सफर में ममता बनर्जी को युवा मामले और गेम ऑफिस एवं मानव संसाधन विकास, महिला एवं बाल विकास की राजमंत्री बनाने का भी निर्णय लिया गया था।
  • 1998 के सफर :- 1998 के दौरान ममता बनर्जी को फिर से लोक सभा के मेंबर के रूप में चुना गया था।
  • 1999 से लेकर 2001 तक का सफर :- 13 अक्टूबर 1999 से लेकर 16 मार्च 2001 के दौरान ममता बनर्जी रेलवे की केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के रूप में भी कार्य किया था।
  • 2001 से लेकर 2003 तक का सफर :- इन दिनों ममता बनर्जी को व्यवसाय विभाग की एडवाइज समिति की मेंबर बनाया गया।
  • 2004 का सफर :- इस सफर के दौरान ममता बनर्जी कोयला और खदान की केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया।
  • 2006 का सफर :- 5 अगस्त 2006 के सफर के दौरान ममता बनर्जी को गृह मामलों की समिति की मेंबर बनाया गया था।
  • 2009 :- साल 2009 के दौरान ममता बनर्जी को कुल 15वी बार फिर से लोक सभा के मेंबर बनाया गया।
  • 2011 का सफर :- 9 अक्टूबर 2011 के सफर के दौरान ममता बनर्जी ने 15 वी बार लोकसभा की मेंबरशिप से इस्तीफा देने का सोचा और इस्तीफा दे भी दिया।
  • 2011 :- 20 मई 2011 के सफर में ममता बनर्जी को एक बड़ा कामयाबी हासिल हुआ और वे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बन गई।
  • 2016 से लेकर 2021 तक का सफर :- 2016 से लेकर 2021 तक के सफर में ममता बनर्जी लगातार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के पोस्ट पर कार्य करती आई है।

ममता बनर्जी के द्वारा लिखी गई पुस्तकें (mamata banerjee books)

ममता बनर्जी एक ऐसी महिला है जिन्हे राजनीतिक के अलावा पढ़ना लिखना बहुत अच्छा लगता था और यही कारण था कि ममता ने अपनी बंगाली भाषा में कई अलग अलग पुस्तकें भी लिखी हुई है।

क्रम संख्या  पुस्तक का नाम
1. गणोतंत्र लज्जा
2. अशुबो शंकेत
3. मानविक
4. मां-माटी-मानुष
5. तृणमूल
6. एंडोलानेर कथा
7. जागो बांग्ला
8. मातृभूमि
9. उपलब्धि
10. जनमायनी
11. जनतार दरबरे

ममता बनर्जी के द्वारा इंग्लिश में लिखी गई पुस्तके (mamata banerjee books in English)

ममता बनर्जी केवल बंगाली ही नहीं बल्कि उन्हें अंग्रेजी लिखना पढ़ना भी काफी पसंद था और यही वजह था कि ममता बनर्जी ने अंग्रेजी में भी कुछ किताबें लिखी हुई है। तो चलिए जानते हैं उन किताबों के नाम के बारे में जो कि इस प्रकार है।

क्रम संख्या  पुस्तक का नाम
1. डार्क होराइजन (गहरा क्षितिज)
2. स्माइल (मुस्कान)
3. स्ट्रगल ऑफ एक्सपीरियंस (अस्तित्व का संघर्ष)
4. स्लॉटर ऑफ डैमोक्रेसी (लोकतंत्र की हत्या)

ममता बनर्जी की ईमानदार छवि और बेहतरी भाषण कला

लोगो के बीच ममता बनर्जी की छवि एक साधारण और ईमानदारी से कार्य करने वाले नेता की रही है। ममता बनर्जी अपने अद्भुत भाषा की कला से भी बंगाल की जनता का दिल जीत रही है। यही नहीं ममता अपने भाषण के दौरान टैगोर और अन्य कविओं की भी उदाहरण देती हुई दिखाई देती है। ममता अपनी अद्भुत भाषण की कला से जनता को उत्साहित करती है और यही वजह है कि बंगाल की जनता ममता को इतना पसंद करती है और बार बार अपने मुख्यमंत्री के तौर पर चुनती हैं।

ममता बनर्जी की उत्तराधिकारी

कई लोगों का यह सवाल है कि आखिर ममता बनर्जी की उत्तराधिकारी कौन है। वैसे यह सवाल काफी दिलचस्प भी है। लेकिन आपको बता दूं कि अब तक ममता बनर्जी ने अपने उत्तराधिकारी का एलान नहीं किया है। लेकिन कई जगहों से यह जानकारी प्राप्त हुई है कि ममता बनर्जी अपना उत्तराधिकारी अभिषेक बनर्जी को बना सकती है और हो सकता है कि अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) की जिम्मेदारी आने वाले समय में अभिषेक बनर्जी संभाल सकते हैं।

अभिषेक बनर्जी ममता के भतीजे है यानी कि ममता के भाई के बेटे अभिषेक बनर्जी है। वर्ष 2012 में ही अभिषेक बनर्जी की शादी रूजिना बनर्जी के साथ हुई थी। जानकारी के मुताबिक अभिषेक बनर्जी के दो बच्चे हैं। यह भी कहा जाता है कि ऑफिशियल नही लेकिन ममता बनर्जी ने अनौपचारिक रूप से अभिषेक बनर्जी को अपना उत्तराधिकारी मान लिया है।

आपने क्या सीखा

ममता बनर्जी का जीवन परिचय (Mamata Banerjee Biography in Hindi) में आपने ममता एक आम लड़की से  मुख्यमंत्री बनने तक का सफर जाना। ये जानकारी आपको किसी लगी जरूर बताएं। ऐसी ही रोचक जानकारी जानने के लिए हमारे वेबसाइट पर आते रहे।

FAQ

Q : ममता बनर्जी का पूरा नाम क्या है?
Ans :ममता बनर्जी

Q : ममता बनर्जी का जन्म कहाँ हुआ था?
Ans : कोलकाता

Q : ममता बनर्जी का जन्म कब हुआ था?
Ans : 5 जनवरी 1955

Q : ममता बनर्जी कौन सी पार्टी से है?
Ans : अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC)

Q : तृणमूल कांग्रेस की स्थापना कब हुई?
Ans : 1 जनवरी 1998

Q : ममता बनर्जी के पिता का क्या नाम है?
Ans : प्रोमिलेश्वर बनर्जी

Q : अभिषेक बनर्जी कौन है ?
Ans : ममता बनर्जी के भतीजे है यानी कि ममता के भाई के बेटे अभिषेक बनर्जी है।

Q : ममता बनर्जी की उम्र कितनी है ?
Ans : 66 वर्ष (5 जनवरी 1955)

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मेरा नाम अशोक जांगिड है. मैं जयपुर राजस्थान में रहता हूँ. मुझे कई सालो का ब्लॉग्गिंग का अनुभव है.

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