यूरोपीय यूनियन क्या है | European Union Kya Hai

आपने ये कहानी तो जरुर सुनी होगी कि अगर एक लकड़ी को तोड़े तो वो टूट जाती है और वही लकड़ी को एक एक मिला कर गठर बना दिया जाये तो वो लकड़ी नही टूटती. मैं बात कर रहा हु यूरोपीय यूनियन की  जो ठीक इसी तरह का उधारण है. इस यूनियन को दुनिया का सबसे सक्तिशाली संगठन भी कहा जाता है. तो आज के इस लेख में हम आपको बताएँगे कि यूरोपीय यूनियन क्या है, कितने देश शामिल है.

European Union

यूरोपीय यूनियन क्या है (European Union Kya Hai)

यूरोपियन यूनियन  में शामिल देश 27 देश
यूरोपियन यूनियन के अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेन
यूरोपियन यूनियन हेडक्वार्टर बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स
यूरोपियन यूनियन की मुद्रा यूरो
यूरोपियन यूनियन का गठन 1 नवंबर 1993

यूरोपीय संघ विश्व की एक बहुत बड़ी अर्थव्यवस्था का एक मजबूत संघटन है। वर्तमान में इसमें 27 देश है। जबकि कुछ समय पहले तक इसमें सदस्यों की संख्या 28 थी। दरअसल 31 जनवरी, 2020 को इंग्लैंड के द्वारा इसकी सदस्यता त्यागने के बाद इसकी सदस्य संख्या घटकर अब 27 रह गई है।

यूरोपीय यूनियन के कार्य एवं उद्देश्य

यूरोपीय संघ का उद्देश्य सदस्य देशो के बीच शांति को बनाये रखना, एकीकृत आर्थिक और मौद्रिक व्यवस्था को बनाये रखना, विकास को बढ़ाना, भेदभाव को मिटाना, व्यापार में आने वाली देशो के बीच आने वाली सीमा सम्बन्धी बाधा को दूर करना, तकनीकी व वैज्ञानिक प्रगति को सहयोग देकर बढ़ाना, वैश्विक अर्थव्यवस्था की चुनौती का सामना करना एवं विश्व मंच पर मजबूत संघटन के रूप में आगे बढ़ना शामिल है।

वर्तमान में जो यूरोपियन संघ है उसकी नींव 1 जनवरी, 1957 में रोम की एक संधि के तहत यूरोपियन आर्थिक परिषद् के माध्यम से रखी गयी थी। उस समय छः देशो ने मिलकर इसकी नींव रखी थी। स्थापना के समय इसमें बेल्जियम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, लक्जमबर्ग और नीदरलैंड शामिल थे। समय के साथ साथ इसकी सदस्य संख्या में लगातार वृद्धि होती गई और इसकी सदस्य संख्या बढ़कर 28 हो गई मगर इंग्लैंड के इससे बाहर होने के बाद वर्तमान में इसकी सदस्य संख्या 27 रह गई है। स्थापना के समय से लेकर अब तक इसकी नीतियों में अनेक बदलाव होते गए। समय के साथ साथ इसके उद्देश्य में भी अभूतपूर्व बदलाव हुए। लेकिन यूरोपियन यूनियन का मूल उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में सदस्य देशो के बीच सहयोग को बढ़ाना रहा है। स्थापना के समय इसका उद्देश्य खनिज, कोयला और इस्पात उद्योग को सामूहिक सहयोग से आगे बढ़ाना था। लेकिन समय के साथ साथ इसमें बदलाव होता चला गया। यूरोपियन संघ के द्वारा सदस्य देशो को आपस में बेरोकटोक व्यापार करने का अधिकार देता है। इससे इनके आर्थिक हितो की रक्षा होती है। यूरोपियन संघ में शामिल सदस्य देशो को व्यापार करने का सामान अवसर व अधिकार देता है।

यूरोपीय यूनियन की विशेषताएं

  • यूरोपियन संघ 27 देशो का राजनीतिक और आर्थिक समूह है। इस समूह में शामिल देश मुक्त व्यापार करने के अलावा राजनैतिक मामलो में भी मिलकर उसका हल निकालते है। यूरोपियन यूनियन को संक्षेप में EU भी कहते है। इस समूह में शामिल देश एक दूसरे की सीमा में बिना किसी पासपोर्ट के ही आसानी से आना जाना कर सकते है। इसके अलावा वह सदस्य देशो में कही भी व्यापार भी कर सकते है। क्योकि इसकी स्थापना का उद्देश्य ही सीमा से उत्पन्न व्यापारिक गतिरोध को समाप्त करना है और यही कारण है कि कई उतार चढ़ाव के बाद भी यह संघ अब भी कुशलतापूर्वक कार्य कर रहा है।
  • यूरोपियन यूनियन में सदस्य राष्ट्रों के बीच एकल व्यापार और एकल मुद्रा का प्रचलन है। इस प्रक्रिया से सदस्य देशो को संघ में व्यापार करने और वहां जाकर रहने में कोई परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है जो आमतौर पर अपने देश छोड़कर विदेशी धरती पर व्यापार करने व वहां जाकर रहने में होती है। इस प्रणाली से कम विकसित देशो को बहुत लाभ होता है और वहां के नागरिक संघ में शामिल अन्य देशो में जाकर आसानी से व्यापार या नौकरी कर सकते है।
  • यूरोपियन संघ में शामिल कई देश संयुक्त राष्ट्रसंघ और विश्व व्यापार संघटन में भी शामिल है। यूरोपियन संघ के कई अन्य संस्थाएं भी है जैसे –
    • यूरोपियन संसद
    • यूरोपियन कमीशन
    • काउंसिल ऑफ यूरोपियन यूनियन (यूरोपीय परिषद)
    • यूरोपियन न्यायालय
    • यूरोपियन सेन्ट्रल बैंक
  • महत्वपूर्ण बात यह है कि यूरोपियन संघ में सभी यूरोपियन देश शामिल नहीं है। ब्रिटेन पहले यूरोपियन संघ में शामिल था लेकिन अब वो इससे बाहर हो चुका है।
  • सदस्य राष्ट्रों में यूरो करेंसी का प्रचलन है। हालांकि यह करेंसी केवल 19 देशो में ही मान्य है।
  • यूरोपीय संघ की स्थापना का उद्देश्य सदस्य राष्ट्रों के बीच बिना किसी बाधा के व्यापार करना था। संघ का उद्देश्य सदस्य राष्ट्रों के नागरिको को विकास के नए नए अवसर प्रदान करना था।
  • जिस संघटन को आज हम यूरोपीय संघ के नाम से जानते है वास्तव में, स्थापना के समय इसका नाम यूरोपियन यूनियन कोल स्टील कम्युनिटी था। इस संघटन की रूप रेखा पेरिस संधि के दौरान तय की गई थी। पेरिस संधि 1951 में हुई थी जिसमें 6 देश शामिल थे – जर्मनी, फ्रांस, इटली, बेल्जियम, लक्समबर्ग, और नीदरलैंड। तात्कालिक समय में इसका उद्देश्य कोयल और स्टील के आयात – निर्यात को निर्विघ्न करना था जिससे औद्योगिक इकाइयों का विकास हो सके।
  • यूरोपीय संघ का मुख्यालय (european union headquarters) बेल्जियम की राजधानी – ब्रुसेल्स में स्थित है। यूरोपीय संघ की एक संसद भी है जो संयुक्त राष्ट्र की महासभा के बाद दुनिया की सबसे बड़ी महासभा है। यूरोपीय संघ का एक न्यायालय भी है जो सदस्य देशो के विवादों का निपटारा करता है।

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यूरोपीय यूनियन की स्थापना कब और क्यों हुई

यूरोपीय संघ की स्थापना 1957 ई में 6 देशो –  जर्मनी, फ्रांस, इटली, बेल्जियम, लक्समबर्ग, और नीदरलैंड के द्वारा हुई थी। यूरोपीय संघ की स्थापना का उद्देश्य सदस्य राष्ट्रों के बीच बिना किसी बाधा के व्यापार करना था। संघ का उद्देश्य सदस्य राष्ट्रों के नागरिको को विकास के नए नए अवसर प्रदान करना था। स्थापना के समय से लेकर अब तक इसकी नीतियों में अनेक बदलाव होते गए। समय के साथ साथ इसके उद्देश्य में भी अभूतपूर्व बदलाव हुए।

यूरोपियन यूनियन में शामिल देशों की सूचि (European Union countries list 2022)

यूरोपियन यूनियन में वर्तमान में 27 देश शामिल है जिसकी सूचि निम्न है-

  • ऑस्ट्रिया
  • बेल्जियम
  • बुल्गारिया
  • साइप्रस
  • चेक गणराज्य
  • डेनमार्क
  • एस्टोनिया
  • फिनलैंड
  • आयरलैंड
  • इटली
  • लातविया
  • लिथुआनिया
  • लक्जमबर्ग
  • माल्टा
  • नीदरलैंड
  • पोलैंड
  • फ्रांस
  • जर्मनी
  • ग्रीस
  • हंगरी
  • रोमानिया
  •  स्लोवाकिया
  • स्लोवेनिया
  • स्पेन
  • स्वीडन
  • क्रोएशिया
  • रोमानिया

यूरोपियन यूनियन से सम्बंधित मूल बिंदु

  • यूरोपीय संघ विश्व की एक बहुत बड़ी अर्थव्यवस्था का एक मजबूत संघटन है।
  • वर्तमान में इसमें 27 देश है। जबकि कुछ समय पहले तक इसमें सदस्यों की संख्या 28 थी।
  • 31 जनवरी, 2020 को इंग्लैंड के द्वारा इसकी सदस्यता त्यागने के बाद इसकी सदस्य संख्या घटकर अब 27 रह गई है।
  • यूरोपियन संघ की नींव 1 जनवरी, 1957 में रोम की एक संधि के तहत यूरोपियन आर्थिक परिषद् के माध्यम से रखी गयी थी।
  • यूरोपियन यूनियन का मूल उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में सदस्य देशो के बीच सहयोग को बढ़ाना रहा है।
  • स्थापना के समय इसका उद्देश्य खनिज, कोयला और इस्पात उद्योग को सामूहिक सहयोग से आगे बढ़ाना था। लेकिन समय के साथ साथ इसमें बदलाव होता चला गया।
  • यूरोपीय संघ यूरोप के सभी देश शामिल नहीं है।
  • यूरोपीय संघ का अपना एक न्यायालय, मुद्रा और संसद भी है।
  • यूरोपीय संघ की एक संसद भी है जो संयुक्त राष्ट्र की महासभा के बाद दुनिया की सबसे बड़ी महासभा है।
  • यूरोपियन यूनियन दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्तियों में शामिल है।
  • भारत यूरोपीय संघ का सदस्य नहीं है मगर इसके बाद भी भारत के कुल आयत – निर्यात में यूरोपीय संघ की हिस्सेदारी सबसे अधिक है।
  • हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-यूरोपीय संध के राष्ट्राध्यक्षों एवं शासनाध्यक्षों के साथ एक वर्जुअल शिखर वार्ता की।
  • भारत का चीन और अमरीका से भी ज्यादा व्यापार यूरोपीय संघ के साथ होता है।

ब्रिटेन यूरोपीय यूनियन से बाहर क्यों निकला

आज के वैश्वीकरण में प्रत्येक देश जहाँ एक दूसरे के पास आना चाहते है तो दूसरी ओर वे इस बात का भी ध्यान रखते है कि उन्हें बदले में कितना लाभ मिल रहा है और कितनी हानि हो रही है। ब्रिटेन के साथ भी यही हुआ था। ब्रिटेन में अवैध प्रवासियों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। इसके साथ ही ब्रिटेन के लोगो के रोजगार और व्यापार पर इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा था। इसी कारण लम्बे विरोध के बाद भी ब्रिटेन यूरोपीय संघ से अलग हो गया।

यूरोपीय यूनियन में शामिल होने की प्रक्रिया

किसी देश का यूरोपीय संघ में शामिल होने की प्रक्रिया कठिन है। इसके लिए सबसे पहले उस देश को यूरोपीय यूनियन के सभी नियम मानना पड़ता है। इसके बाद यूरोपियन काउंसिल इस पर विचार करती है कि वो देश उसकी शर्त पर कार्य कर रहा है या नहीं। लेकिन सबसे कठिन प्रक्रिया यह है सभी सदस्य देशो का उसे एक मत से वोट मिलना चाहिए अन्यथा एक भी वोट विरोध में पड़ने पर उसे यूरोपीय यूनियन का सदस्य नहीं बनाया जा सकता है। यही कारण है कि यूक्रेन के चाहने पर भी उसे अब तक यूरोपीय यूनियन में शामिल नहीं किया जा सका है।

भारत और यूरोपीय यूनियन के संबंध

भारत यूरोपीय संघ का सदस्य नहीं है। लेकिन इसके बावजूद वैश्वीकरण के युग में सभी देश एक दूसरे के पास आने में ही अपना हित समझते है इसलिए सदस्य नहीं होने के बाद भी भारत और यूरोपीय संघ के बीच आपसी हितो से सम्बंधित बातचीत होती रहती है। हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत – यूरोपीय संध के राष्ट्राध्यक्षों एवं शासनाध्यक्षों के साथ एक वर्जुअल शिखर वार्ता की। इसके साथ ही यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। भारत का चीन और अमरीका से भी ज्यादा व्यापार यूरोपीय संघ के साथ होता है। भारत में यूरोपीय संघ के द्वारा किये गए निवेश में भी बहुत वृद्धि हुई है। यह 8% से बढ़कर 18% हो गई है।

निष्कर्ष – तो आज के इस लेख में हमने आपको बताया कि यूरोपीय यूनियन क्या है, इसमें कितने देश शामिल है और इसके बारे में पूरी जानकरी. अगर आपको कोई सुझाव देना होतो कमेंट करके जरुर बताये.

FAQ

Q : वर्तमान में यूरोपीय संघ में कुल कितने देश हैं?
Ans : वर्तमान में यूरोपीय संघ में कुल 27 देश हैं.

Q : यूरोपीय संघ के वर्तमान अध्यक्ष कौन है?
Ans : यूरोपीय संघ के वर्तमान उर्सुला वॉन डेर लेन है.

Q : यूरोपियन संघ की स्थापना कब हुआ था?
Ans : यूरोपियन संघ की स्थापना 1 नवंबर 1993 को हुई.

Q : यूरोपीय संघ के सदस्यों की मुद्रा क्या है?
Ans : यूरोपीय संघ के सदस्यों की मुद्रा यूरो है.

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मेरा नाम अशोक जांगिड है. मैं जयपुर राजस्थान में रहता हूँ. मुझे कई सालो का ब्लॉग्गिंग का अनुभव है.

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