हल्दीघाटी का युद्ध कब हुआ | Battle of Haldighati in Hindi

हल्दीघाटी का युद्ध कब हुआ, कहां हुआ, किसने जीता, इतिहास, कौन जीता, जगह, किसकी विजय हुई, परिणाम (Battle of Haldighati in Hindi, Haldighati Ka Yuddh, Haldighati War, History, Pdf Download) 

Battle of Haldighati in Hindi – भारत का इतिहास विभिन्न स्त्रोतों पर आधारित है। इसे लिखने में अनेको लोगो का योगदान रहा है। कड़ी दर कड़ी जोड़कर इतिहास बना होता है। इतिहास का लेखन मुख्यतः ज्ञात साक्ष्य पर आधारित होता है। लेकिन भारत के इतिहास में ऐसे अनेक रहस्य उजागर होने शेष है, जो लोगो को नहीं बताया गया है या जिन्हे तोड़ मरोड़ कर लिखा गया है। भारत के इतिहास में अनेक स्थानों पर मुसलमानो का, इस्लामिक आक्रांताओ का महिमामंडन किया गया है। उन्हें नायक के रूप में दिखलाया गया है। उन्हें सम्मानित शब्दों से सम्बोधन किया गया है। ऐसे ही एक तथ्य है हल्दीघाटी का युद्ध।

भारत के इतिहास में लिखा गया है और केवल लिखा ही नहीं गया है बल्कि स्कूलों में, कॉलेजों में, यूनिवर्सिटीज में स्टूडेंट्स को पढ़ाया भी गया है कि हल्दीघाटी के युद्ध में अकबर की जीत हुई थी और महाराणा प्रताप की हार हुई थी लेकिन क्या भारत के इतिहास में लिखी ये बातें सच है। नहीं, बिलकुल भी नहीं। 

यह विवाद तब प्रकाश में आया जब कुछ समय पहले बीजेपी और कई हिन्दू संघठनो ने इन्हे उठाया गया। लम्बी बहस हुई। फिर इस पर जांच पड़ताल हुई। जिसमें यह साबित हुआ कि हल्दीघाटी के युद्ध में अकबर की जीत नहीं हुई थी, काफी हद तक यह युद्ध बराबरी पर आकर खत्म हो गया था। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि इसे अकबर का विजय और महाराणा प्रताप की हार कहा जाएँ।

इसके बाद पाठ्य पुस्तकों में सुधार किये गए। पाठ्य पुस्तकों में सुधार के अलावा भी विभिन्न स्तरों पर सुधार किये गए। भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग ने राज्य इकाई से स्मारक के पत्थर को हटाने का आदेश दिया। इस पत्थर में लिखा था, हल्दीघाटी युद्ध (haldighati ka yuddh) के दौरान महाराणा प्रताप की सेना पीछे हट गई।

आज के आर्टिकल में हम आपको हल्दीघाटी का युद्ध कब हुआ (Battle of Haldighati in Hindi), इतिहास और परिणाम के बारें में पूरी जानकारी देने वाले है।

Battle of Haldighati in Hindi

हल्दीघाटी का युद्ध का संक्षिप्त कालखंड (Prelude to the Battleo Haldighati in Hindi)

हल्दीघाटी का युद्ध 18 जून 1576 को मेवाड़ के शासक महाराणा प्रताप और मुगल शासक अकबर की सेना के बीच हुआ था। इस युद्ध में अकबर की सेना का नेतृत्व आमेर के राजा मान सिंह प्रथम के साथ साथ अकबर का सेनापति आसिफ खां ने भी किया था। जबकि इस युद्ध में महाराणा प्रताप को कई अन्य राजाओ के साथ साथ क्षेत्रीय भील जनजातियों का भी पूरा पूरा साथ मिला था।

हल्दीघाटी का युद्ध (Haldighati Ka Yuddh Kab Hua)

हल्दीघाटी का युद्ध 18 जून,1576 को महाराणा प्रताप और अकबर की सेना के बीच हुआ था। यह युद्ध पहाड़ी दर्रे से लेकर बनास नदी के तट तक चला था। युद्ध में महाराणा प्रताप की जीत हुई थी। यह युद्ध कुछ ही घंटे तक चला था मगर इसमें दोनों ओर से सैकड़ो सैनिक मारे गए थे। इस युद्ध में महाराणा प्रताप की ओर से लड़ रहे कई नरेश की भी वीरगति प्राप्त हुई थी, जिनमें झाला मान, ग्वालियर नरेश राम शाह तंवर भी शामिल थे। इस युद्ध में महाराणा प्रताप का प्रसिद्ध घोड़ा चेतक (Haldighati Chetak) भी बुरी तरह से घायल हो गया था, जिसकी बाद में मृत्यु हो गई थी। 

युद्ध के पहले चरण में महाराणा प्रताप (Maharana Pratap Haldighati) की जीत हो गई थी। राणा के आरंभिक प्रहार इतने भयानक थे कि मुगल सेना के पाँव उखड गए और वे भाग खड़े हुए। मुगलो के सैनिक पहाड़ी दर्रो से भागकर बनास नदी के तट पर जमा हो गए। लेकिन युद्ध यही समाप्त नहीं हुआ। यहाँ तो युद्ध का केवल एक पड़ाव पार हुआ था। इसके बाद फिर युद्ध शुरू हुआ। इस बार मुगल सेना महाराणा प्रताप पर भारी पड़ रही थी क्योकि उनकी संख्या बहुत अधिक थी। साथ ही उनके पास अस्त्र शस्त्र भी अधिक थे। इस युद्ध में महाराणा प्रताप की ओर से जहाँ बीस हजार सैनिक लड़ रहे थे तो वही मुगलो की ओर से पचास हजार सैनिक लड़ रहे थे। इस युद्ध में मेवाड़ की ओर से तोप का प्रयोग नहीं किया गया था जबकि मुगलो के पास ऊंट के ऊपर तोप रखकर चलाये जा रहे थे। इस युद्ध में प्रताप के प्रिय स्वामिभक्त घोड़ा चेतक भी मारा गया था। युद्ध का अंतिम पड़ाव में अकबर की सेना प्रताप पर भारी पर रहा था मगर इसके बाद भी उसे विजय हासिल नहीं हुई थी। माना जाता है, चार घंटे तक चले इस युद्ध में दोनों के 500 के आसपास सैनिक मारे गए थे।

हल्दीघाटी युद्ध की कुछ मुख्य बातें

  • हल्दीघाटी का युद्ध 18 जून, 1576 को मेवाड़ के राणा (राजा) महाराणा प्रताप और अकबर की सेना के बीच हुआ था।
  • यह युद्ध पहाड़ी दर्रे से लेकर बनास नदी के तट तक चला था।
  • इस युद्ध में अकबर की सेना का नेतृत्व आमेर का राजा मानसिंह कर रहे थे।
  • इस युद्ध में महाराणा प्रताप की अकबर की ओर से लड़ रहे मानसिंह से सीधी टक्कड़ हुई।
  • इस युद्ध में सेनाओ की बड़ी असमानता थी। मुगल की तुलना में प्रताप के पास बहुत कम सैनिक थे।
  • इस युद्ध में मुगल सेना की ओर से अकबर नहीं लड़ा था।
  • इस युद्ध में मेवाड़ की ओर से जहाँ 20,000 सैनिक लड़ रहे थे तो वही मुगलो की ओर से 50,000 सैनिक लड़ रहे थे।
  • माना जाता है कि मात्र चार घंटे तक चले इस युद्ध में दोनों ओर के 500 सैनिक मारे गए थे।
  • इस युद्ध में प्रताप के प्रिय स्वामिभक्त घोड़ा चेतक भी मारा गया था।
  • इस युद्ध में इतना रक्त बहा कि युद्ध के मैदान को रक्त तलाई (Rakt Talai Haldighati Blood) कहा गया।
  • माना जाता है युद्ध में बुरी तरह से घायल महाराणा प्रताप हल्दी घाटी के जंगलो में चले गए थे।
  • यह युद्ध बिना हार जीत के ही समाप्त हो गया था।
  • हल्दीघाटी की लड़ाई का मुख्य कारण मुगल शासक अकबर का हिन्दू शासित क्षेत्र में साम्राज्य विस्तार करना था।
  • हल्दीघाटी अरावली पर्वत श्रृंखला से गुजरने वाला एक दर्रा है, जो उदयपुर से 40 किलोमीटर दूर स्थित है।
  • वर्तमान में हल्दीघाटी राजस्थान के राजसमंद जिले में पड़ता है।
  • मुगल बादशाह अकबर की मेवाड़ की विजय की नापाक इरादा कभी सफल नहीं हो पाई।
  • इस युद्ध में मुगल की ओर से महाराणा प्रताप को बंदी बनाने की रणनीति बनाई गई थी, जो पूरी तरह से असफल रही।
  • हल्दीघाटी के युद्ध का परिणाम अकबर के पक्ष में नहीं हुआ।
  • मुगल सेना गोगुन्दा पर कब्जे के बाद भी अपने नापाक इरादे में सफल नहीं हो पाया।
  • मुगलो से महाराणा प्रताप जीवन के अंतिम समय तक लड़ते रहे।
  • महाराणा प्रताप अपने भील सहयोगियों के साथ मिलकर मुगल सेना के विरुद्ध छापामार युद्ध करके उनके बीच भय पैदा कर दिया था।

कहाँ है हल्दीघाटी (Haldighati Kahan Hai)

हल्दीघाटी राजस्थान में पड़ता है। वास्तव में, यह अरावली पर्वत श्रृंखला से गुजरने वाला एक दर्रा है, जो उदयपुर (haldighati udaipur) से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित है। यहाँ की मिट्टी हल्दी की भांति पीली है, इस कारण इस स्थान का नाम हल्दीघाटी पड़ गया।

हल्दीघाटी युद्ध के कारण (Cause of Haldighati War in Hindi)

हल्दीघाटी की लड़ाई का मुख्य कारण मुगलो की ओर से साम्राज्य विस्तार था। अकबर हिन्दू शासित क्षेत्र में अपना आधिपत्य स्थापित करना चाह रहा था। इसके लिए वो कई प्रकार की चालें चल रहा था। इसी साम्राज्य विस्तार की नीति के अंतर्गत अकबर ने मेवाड़ पर चढाई के लिए अपनी पचास हजार सेना भेज दी थी। इस सेना का नेतृत्व आमेर का राजा मानसिंह कर रहे थे। जबकि मेवाड़ की ओर से महाराणा प्रताप लड़ रहे थे। 

महाराणा प्रताप की विजय और अकबर की हार के प्रामाणिक तथ्य

इस युद्ध पर किये गए एक शोध पता चला है कि युद्ध समाप्ति के बाद अगले एक वर्ष तक महाराणा प्रताप ने हल्दीघाटी के आस-पास के क्षेत्रो के जमीनों के पट्टे ताम्र पत्र के रूप में बाटें थे। इन ताम्र पत्र पर एकलिंगनाथ के दीवान के हस्ताक्षर थे। अब ध्यान देने वाली बात यह है कि उन दिनों भूमि के लिए इस तरह से पट्टे को जारी करने का अधिकार केवल राजा को था। तो इस बात से साबित होता है कि हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप की जीत हुई थी।

दूसरी ओर, युद्ध के बाद मुगल सेना का नेतृत्व कर रहे सेनापति मानसिंह और आसिफ खां से अकबर इस तरह से क्रोधित था कि उसने इन दोनों को छः महीने तक अपने दरवार से बाहर रखा था। इन्हे अकबर के दरवार में आने की मंजूरी नहीं थी। इस तरह से यह साबित होता है कि इस युद्ध में अकबर की पराजय हुई थी।

हल्दी घाटी के युद्ध का परिणाम

हल्दीघाटी के युद्ध का परिणाम (who won battle of haldighati) अकबर के पक्ष में नहीं हुआ। हालांकि युद्ध के बाद उसने मेवाड़ के गोगुन्दा के किले पर कब्ज़ा तो कर लिया मगर उसका असल उद्देश्य पूरा नहीं हो पाया क्योकि महाराणा प्रताप अब जंगलो में छिपकर वहां से निकलने वाले मुख्य मार्ग पर अपना मोर्चा संभाल लिया जिससे गोगुन्दा में रह रहे मुगल सैनिक भूखे मरने लगे। मुगलो की ऐसी दयनीय स्थिति हो गई थी कि उन्हें अब अपने साथ के घोड़े को मारकर खाना पड़ रहा था। क्योकि महाराणा प्रताप और उनका साथ दे रहे भील सैनिक मौका देखते ही तीर से मुगल सैनिको का जीवन लीला समाप्त कर रहे थे। इसके साथ ही उनके वहां से बाहर जाने का मार्ग भी प्रताप व भील सैनिको ने रोक रखा था। इस प्रकार इस युद्ध में अकबर अपने नापाक उद्देश्य में सफल नहीं हो पाया था।

निष्कर्ष– आज के इस लेख में हमने आपको बताया हल्दीघाटी का युद्ध कब हुआ (Battle of Haldighati in Hindi), इतिहास और परिणाम के बारें में बताया. उम्मीद करते है आपको यह जानकारी जरुर पसंद आई होगी.

FAQ

Q : हल्दीघाटी का युद्ध कब हुआ था
Ans : 18 जून 1576 को 

Q : हल्दीघाटी का युद्ध कितने समय तक चला था?
Ans :
चार घंटे तक  

Q : हल्दीघाटी का युद्ध किसने जीता
Ans :
महाराणा प्रताप ने 

Q : हल्दीघाटी का युद्ध किस नदी के किनारे हुआ
Ans :
बनास नदी

Q : हल्दीघाटी कहा है
Ans :
राजस्थान के उदयपुर से लगभग 40 किलोमीटर दूर 

Q : हल्दीघाटी का युद्ध कौन जीता था
Ans :
महाराणा प्रताप ने युद्ध जीता

Q : हल्दी घाटी कहां है
Ans :
उदयपुर से लगभग 40 किलोमीटर दूर 

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