Diwali 2023 : दीपावली के 5 दिनों के त्योहार के बारे में पूरी जानकारी

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Diwali 2023 : दिवाली का त्योहार धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज तक चलेगा. पांच दिनों तक चलने वाले इस पर्व में किस दिन क्या होता है इनके बारें में इस आर्टिकल में है.

What Are the Five Days of Diwali

Diwali 2023 – साल 2023 भी पांच दिवसीय दीपोत्सव छह दिनों तक चलेगा. पिछले साल 2022 में सूर्य ग्रहण के कारण दिवाली का पर्व 5 की बजाय 6 दिन तक चला था. और वहीं इस बार भी सोमवती अमावस्या के कारण यह पर्व 6 दिनों (Deepawali Mahaparva 2023) तक मनाया जायेगा. पुरे देश में दिवाली को लेकर काफी उत्साह का माहौल बना रहता है. बाजार, मॉल और घरो में रौनक बनी रहती है. शहर से लेकर गांव तक खुशियों का माहौल रहता है. दुकानदार कस्टमर की डिमांड को देखते हुए आइटम मंगा रहे हैं. दिवाली का यह पर्व धनतेरस से शुरू होकर भैया दूज तक मनाया जाता है.

आमतौर पर रोशनी का यह त्योहार पांच दिनों (Diwali Deepotsav 2023 Dates) तक चलता है, लेकिन इस बार यह छह दिनों का चलेगा. पंडितों की माने तो इस बार चतुर्दशी अमावस्या प्रदोष काल होने के कारण दिवाली का महापर्व 12 नवंबर रविवार को मनाया जाएगा. प्रदोष काल और निशीथ काल अमावस्या में दिवाली (deepawali 2023 in hindi) मनाना शास्त्र सम्मत है. इस दिन अमावस्या (deepawali 2023 kab h) तिथि दोपहर 2:44 बजे से प्रारंभ होकर 3 नवंबर सोमवार को दोपहर 2:56 बजे तक रहेगी.

इस आर्टिकल में हम आपको बताएँगे दीपावली के 5 दिनों के त्योहार (What Are the Five Days of Diwali) के बारे में पूरी जानकारी.

10 नवंबर को धनतेरस (Dhanteras 2023 Date)

हिन्दुओं का त्योहार धनतेरस धन, सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि का त्योहार होता है. यह पर्व हर वर्ष कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है. और इस साल त्रयोदशी तिथि 10 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 39 मिनट से 11 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 59 मिनट तक रहेगी. ऐसे में धनतेरस का त्योहार 10 नवंबर, शुक्रवार के दिन मनाया जाएगा. धनतेरस पर्व को मनाने का शुभ समय गोधूलि बेला है. और गोधूली बेला में पूजा – अर्चना करने से सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं. धनतेरस के दी लोग सोने और चांदी के आभूषण, सिक्के, बर्तन, वाहन और भी कई तरह की चीज़े खरीदकर घर लाते है.

11 नवंबर को छोटी दीपावली व नरक चतुर्दशी (Narak Chaturdashi 2023 Date)

साल 2023 में छोटी दिवाली 11 नवंबर शनिवार के दिन मनाई जाएगी. इस दिन घर के आंगन में 11 या 21 मिटटी के दीये जलाने की परंपरा होगी है. इस दिन भगवान कृष्ण ने राक्षस नरकासुर का वध किया था. इसी कारण से इसे नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है और शास्त्रों की माने तो इस दिन भगवान राम भक्त हनुमान का जन्मोत्सव मनाने की परंपरा भी होगी है. इस दिन शनिवार होने के कारण सभी भक्त हनुमानजी के मंदिर में विशेष पूजा अर्चना करेंगे.

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12 नवंबर को दीपावली (Diwali2023 Date)

इस साल दिवाली (dev deepawali 2023 date) का पर्व 12 नवंबर के दिन मनाया जायेगा. कार्तिक अमावस्या 12 नवंबर दोपहर 2 बजकर 37 मिनट तक (when is deepawali in 2023) रहगी. पूजा का सर्वोत्तम समय शाम 5:39 बजे से रात 8:16 बजे तक रहेगा. इस दिन महालक्ष्मी (laxmi pujan diwali 2023 date) के साथ साथ गणेश जी, सरस्वती जी और कुबेर की पूजा भी की जाती है.

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13 नवंबर को सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya 13 Date)

सोमवार 13 नवंबर को अमावस्या तिथि दोपहर 2 बजकर 56 मिनट तक रहने से इस दिन उदयकालीन सोमवती अमावस्या रहेगी.  सोमवती अमावस्या पर दान-पुण्य करने का विशेष महत्व माना जाता है.  इस दिन महिलाएं पीपल के पेड़ की पूजा करती है और सोमवती अमावस्या की कथा सुनते हुए अखंड सौभाग्य की कामना करती है. इस दिन सबसे ज्यादा श्रद्धालु हरिद्वार,  गलताजी और शेखावाटी के लोहागढ़ के सूर्य कुंड में आते है. गंगा जी सहित इन तीर्थ स्थलों के पवित्र नदीयों में स्नान करते. और इसके अगले दिन 14 नवंबर मंगलवार को अन्नकूट और गोवर्धन की पूजा होती है.

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14 नवंबर को गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja 14 Date)

इस वर्ष प्रतिपदा तिथि मंगलवार 14 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 37 मिनट तक रहेगी. उदयकालीन प्रतिपदा तिथि के कारण मंगलवार को अन्नकूट का आयोजन किया जाएगा. इस दिन महिलाएं और पुरुष कोई सुबह तो कोई शाम को घर के आंगन में गोबर से गोवर्धन बनाते है और उनकी पूजा अर्चना करते है. मंदिरों में भी गोवर्धन पूजा होती है. इस दिन ठाकुर जी को प्रसाद चढ़ाकर भक्तों को अन्नकूट का वितरण किया जाता है.

15 नवंबर को भाई दूज (Bhai Dooj 15 Date)

भाई-बहन के प्यार और स्नेह का पवित्र त्योहार है भाई दूज. इस साल यह त्योहार 15 नवंबर के दिन मनाया जाएगा. इस वर्ष दूज तिथि दोपहर 1 बजकर 50 मिनट तक रहेगी. उदय काल की द्वितीया तिथि बुधवार को होने से भैया दूज का त्योहार भी उसी दिन मनाया जाएगा. इस दिन बहनें अपने भाई के सिर पर तिलक लगाकर मुंह मीठा कराती है. इसे यम द्वितीया और भ्रातृ द्वितीया भी कहा जाता है. इस दिन यमुना नदी में स्नान करने का विशेष महत्व माना जाता है.

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निष्कर्ष :- तो आज के इस लेख में आपने जाना दीपावली के 5 दिनों के त्योहार (What Are the Five Days of Diwali) के बारे में. उम्मीद करते है आपको यह जानकारी जरूर पसंद आई होगी. अगर आपका कोई सुझाव है तो कमेंट करके जरूर बताइए. अगर आपको लेख अच्छा लगा हो तो रेटिंग देकर हमें प्रोत्साहित करें.

 

 

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