जानिए IAC विक्रांत के बारे में पूरी जानकारी | IAC Vikrant Ship Information in Hindi

आईएसी विक्रांत क्या है, फुल फॉर्म, एयरक्राफ्ट कैरियर, विमानवाहक पोत, कीमत, लागत, सुविधाएं, क्षमता, सुरक्षा (Iac Vikrant New, Indigenous Aircraft Carrier (Iac) Vikrant, Commission, 2022, Cost, Aviation, Aircraft , Carrier Ship Information, Dimensions, length, built by, Capacity, Launch Date, Full Form, Features)

देश और भारतीय सेना के लिए 02 सितम्बर 2022 का दिन काफी खास है. इस दिन नेवी में पहला स्वदेशी विमान वाहक पोत (Plane Carrier Ship) आईएसी विक्रांत (IAC Vikrant) शामिल हुआ है. देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने  IAC Vikrant को इंडियन नेवी को समर्पित किया. देश के लिए यह खास मौका और एक उपलब्धी होगी अब भारत उन देशों की एलीट ग्रुप में शामिल हो गया है जहा विमान वाहक पोत बनाये जाते है. अगर हम उन देशों की लिस्ट की बात करे तो जो एयरक्राफ्ट कैरियर बनाते है उनमे अमेरिका, फ़्रांस, चीन, रूस और यूनाइटेड किंगडम है. और अब भारत भी इस लिस्ट में शामिल हो गया है. सबसे बड़ी बात ये है कि आईएसी विक्रांत विश्व का 7वां सबसे बड़े कैरियर और दुनिया के 10 सबसे पावरफुल विमानवाहक युद्धपोतों में शामिल है जो कोच्चि में बनकर तैयार हुआ है.

आपकी जानकारी के लिए बता दूँ यह आईएसी विक्रांत एक एयरक्राफ्ट कैरियर है जिसका शाब्दिक अर्थ है समुंद्र में तैरता हुआ एयरफोर्स स्टेशन. इसकी मदद से समुंद्र में रहकर ड्रोन्स, फाइटर जेट्स और मिसाइलें को आसानी से उड़ा सकते है और दुश्मनों को हरा सकते है. जिस देश के पास सबसे ज्यादा एयरक्राफ्ट करियर होते है उन्हें युद्ध में ज्यादा सफलता मिलती है. इसकी मदद से विश्व के किसी देश को चारो तरफ से घेर सकते है.

इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको आईएसी विक्रांत (IAC Vikrant Ship Information in Hindi) क्या है, इसकी फुल फॉर्म, एयरक्राफ्ट कैरियर के बारे में, इसे बनाने में कितना खर्चा आया, इसकी सुविधाएं, क्षमता और सुरक्षा के बारें में विस्तार से बताने जा रहे है. तो इस आर्टिकल को पूरा पढ़ने से आपका ज्ञान तो बढ़ेगा ही साथ ही आपको सरकारी परीक्षाओं में भी मदद मिलेगी.

IAC Vikrant Ship Information in Hindi
Photo Credit – Piyush Goyal

IAC विक्रांत के बारे में जानकारी | IAC Vikrant Ship Information in Hindi

नाम (Name) विक्रांत
हमनाम (Namesake) आईएसी विक्रांत (IAC Vikrant)
काम में लेने वाले (Operator) इंडियन नेवी
बनाने वाला (Builder) कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड
कितनी लागत आई (Cost) 20,000 करोड़ रुपये
कितने वर्कर ने काम किया (workers) 15 हज़ार
बनना काम शुरू हुआ (Start Date) 2005 से
लांच कब हुआ (Launched Date) 2 सितंबर, 2022
लम्बाई और चौड़ाई (Dimensions) 262 मीटर लम्बाई और 62 मीटर चौड़ाई
कुल क्षेत्रफल (Total Area) 2.5 एकड़
कितने फ्लोर (Total Floor) 18
चालक दल की क्षमता (Crew Capacity) 1,600 लोग
कंपार्टमेंट्स (Compartment) 2400
अधिकतम स्पीड (Top Speed) 52 किमी प्रतिघंटा
विमान क्षमता (Aircraft Capacity) 30 से 35 विमान
वजन (Weight) 45 हज़ार टन
कौनसा इंजन (Engine) इलेक्ट्रिक टरबाइन
इंजन पॉवर (Engine Power) 1.10 लाख हॉर्सपावर

आईएसी विक्रांत क्या है (IAC Vikrant Full form)

आईएसी विक्रांत एक विमानवाहक पोत है जो पूरी तरह से स्वदेशी है. इसका हिंदी में फुल फॉर्म है “स्वदेशी विमान वाहक विक्रांत“. और इंग्लिश में “Indigenous Aircraft Carrier Vikrant” है. अत्याधुनिक उपकरणों से लैस यह एयरक्राफ्ट कैरियर समुंद्र में रहकर दुश्मनों का सफाया करता है. इसका निर्माण कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड कंपनी ने किया है और इसे बनाने में करीब 20,000 करोड़ रुपये का खर्चा आया. 2.5 एकड़ में फैला हुआ विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर का वजन 45 हज़ार टन है. इस पर 30 से 35 विमान एक समय पर खड़े रह सकते है. 1600 लोगो का क्रू मेम्बर के साथ ऑटोमेटिक खाना बनाने की मशीन है. इलेक्ट्रिक टरबाइन का 1.10 लाख हॉर्सपावर का इंजन है जो 52 किमी प्रतिघंटा की रफ़्तार से समुंद्र को चीरता हुआ अपनी दिशा तय करता है.

आईएसी विक्रांत के निर्माण का सफर

आईएसी विक्रांत के निर्माण का सफर शुरू होता है 11 अप्रैल 2005 में. इसे केरल के कोचीन शिपयार्ड में बनाया गया है. इसके निर्माण में 20 हजार करोड़ रुपये की लागत आई है. तक़रीबन 76 प्रतिशत चीज़े मेक इन इंडिया के तहत इस्तेमाल में ली गई है. आईएसी विक्रांत के निर्माण में 2 हजार कोचीन शिपयार्ड के स्टाफ और 13 हजार अन्य स्टाफ शामिल रहे. आईएसी विक्रांत पर विमान उतारने का ट्रायल्स नवंबर 2022 में शुरू होगा जो जून 2023 तक चलेगा. इसके बाद आईएसी विक्रांत तबाही मचाने के लिए पूरी तरह से तैयार है.

आईएसी विक्रांत की बनावट और रफ़्तार के बारे में

आईएसी विक्रांत को बनने का सफ़र साल 2005 से शुरू हुआ था. और इसे कोचीन शिपयार्ड में बनाया गया है. इसे बनाने में 20 हजार करोड़ रुपये का खर्चा आया. इसका वजन 45 हजार टन है. आईएसी विक्रांत की लंबाई 262 मीटर और चौड़ाई 62 मीटर है. यह 2.5 एकड़ क्षेत्रफल में बनकर तैयार हुआ है जो दो फुटबॉल मैदानों के बराबर है. इसकी टॉप स्पीड 52 किलोमीटर प्रतिघंटा है. यह एक साथ तक़रीबन 14 हजार किलोमीटर का सफ़र तय कर सकता है. इसमें इलेक्ट्रिक टरबाइन लगे हुए है, जो 1.10 लाख हॉर्सपावर का ताकतवर इंजन है.

आईएसी विक्रांत में विमानों की क्षमता

आईएसी विक्रांत पर 30 से 35 विमान के बेडा रहता है. जिसमे मिकोयान मिग-29 (Mikoyan MiG-29) के फाइटर प्लेन, कामोव केए-31(Kamov Ka-31) हेलीकॉप्टर्स, एमएच-60 आर (Sikorsky SH-60 Seahawk) हेलीकॉप्टर्स, भारतीय HAL Dhruv और कुछ छोटे फाइटर प्लेन भी शामिल हैं. इस विमानवाहक पोत पर सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस मिसाइल को भी तैनात किया जा सकता है. यह एक काफी खतरनाक मिसाइल है जो 4 हज़ार 300 किलोमीटर रफ्तार से उड़कर 400 किलोमीटर दूर तक के टारगेट को निशाना बना सकती है. इस मिसाइल को कही से भी लांच किया जा सकता है.

आईएसी विक्रांत में हथियारों के बारे में

आईएसी विक्रांत में लगे वर्टिकल लॉन्चिंग सिस्टम (Vertical launching system) से 32 से ज्यादा बराक-8 मिसाइल चलाई जा सकती है. यह मिसाइल जमीन से हवा में 500 मीटर से लेकर 100 किलोमीटर तक हमला या बचाव कर सकती है. इसकी टॉप स्पीड 2 हज़ार 469 किमी प्रतिघंटा है. इस मिसाइल में एक डेटोनेशन सिस्टम हार्ड टू किल है जो 60 किलो वॉरहेड को ले जाने में मदद करती है.

इसके अलावा इसमें रिमोट से चलने वाले 4 ओटोब्रेडा (Otobreda) लगे है जो 76 mm के ड्यूल पर्पज कैनन के साथ है. इसमें 2.5 फीट की कैलिबर की तोप है. जो 360 डिग्री घूमकर दुश्मनों के फाइटर जेट, हेलिकॉप्टर, एयरक्राफ्ट और युद्धपोत पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा सकती है. इसकी गोलियों की रेंज तक़रीबन 15 से 21 किलोमीटर तक होती है. इसके अलावा आईएसी विक्रांत में 4 AK 630 और क्लोज इन वेपन सिस्टम लगे है. यह चारो तरह घूमने वाली एक तोप होती है, जो दुश्मन की दिशा में घूमकर गोलियां चला सकती है. सबसे अच्छी बात ये है कि इसे ओपरेट करने के लिए सिर्फ एक व्यक्ति की आवश्यकता होती है. इसमें से 10000 राउंड्स प्रति मिनट के हिसाब से निकलते है.

आईएसी विक्रांत में सुरक्षा के इंतजाम

आईएसी विक्रांत सुरक्षा के लिहाजे काफी सेफ है. इसमें एंटी सर्फेस, एंटी सबमरीन वॉरफेयर, एंटी एयर वॉरफेयर जैसे और भी कई मॉडर्न टेक्नोलॉजी के सिस्टम लगे हुए है. इन सिस्टम की मदद से आस पास चल रही गतिविधियों को परखा जा सकता है. जिसके बाद जवाबी करवाई की जा सकती है.

आईएसी विक्रांत में सुविधाओ के बारे में

विक्रांत में 16 बेड का हॉस्पिटल से लेकर सभी तरह की मेडिकल सुविधाये और जाँच की मशीने है. इसके अलावा खाना बनाने के लिए ऑटोमेटिक मशीन है जिसमे 5000 लोगों का खाना पुरे दिन भर में तैयार हो जाता है. चलिए विस्तार से जानते है आईएसी विक्रांत में सुविधाओ के बारे में-

अस्पताल की सुविधा

आईएसी विक्रांत में 16 बिस्तर का एक अस्पताल है जिसमे प्राइमरी मेडिकल कॉम्प्लेक्स में मॉडर्न ऑपरेशन थिएटर है. पुरे एयरक्राफ्ट कैरियर में 40 कंपार्टमेंट्स है जिनमे आईसीयू, अल्ट्रासोनोग्राफी, सीटी स्कैन, एक्स-रे, लेबोरेटरी, रेडियोलॉजी विंग, पैथोलॉजी, डेंटल, फिजियोथैरेपी क्लीनिक की सुविधाएं मौजूद हैं. डॉक्टर्स की टीम में 5 ऑफिसर और 16 सहायक चिकित्सक होंगे.

खाने की सुविधा

खाने पीने के लिहाजे से भी आईएसी विक्रांत में सभी तरह की आधुनिक सुविधाये मौजूद है. किचन में खाना बनाने के लिए मॉडर्न ऑटोमेटिक मशीन है जिसमे खाने का सामना डालों और बनकर तैयार हो जाता है. लगभग 5 हज़ार थालिया एक दिन में बनकर तैयार होती है. मशीन की मदद से 1 घंटे में 3 हज़ार रोटियां बन सकती है.

निष्कर्ष – आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको बताया कि आईएसी विक्रांत (IAC Vikrant Ship Information in Hindi) क्या है, इसकी फुल फॉर्म, एयरक्राफ्ट कैरियर के बारे में, इसे बनाने में कितना खर्चा आया, इसकी सुविधाएं, क्षमता और सुरक्षा के बारें में. उम्मीद करते है आपको यह जानकारी जरुर पसंद आई होगी.

FAQ

Q : हिंदुस्तान का एयरक्राफ्ट कैरियर इस वक्त कहां है?
Ans : विक्रांत केरल के कोचीन शिपयार्ड में है.

Q : आईएसी विक्रांत फुल फॉर्म क्या है?
Ans : Indigenous Aircraft Carrier Vikrant

Q : आईएसी विक्रांत क्या है
Ans : आईएसी विक्रांत एक विमानवाहक पोत है जो पूरी तरह से अत्याधुनिक उपकरणों से लैस है यह एयरक्राफ्ट कैरियर समुंद्र में रहकर दुश्मनों का सफाया करता है.

Q : आईएसी विक्रांत को बनने में कितना खर्चा आया
Ans : 20 हज़ार करोड़ रूपये का

Q : आईएसी विक्रांत की लम्बाई कितनी है?  
Ans : 262 मीटर लम्बाई

Q : आईएसी विक्रांत की चौड़ाई कितनी है?  
Ans : 62 मीटर चौड़ाई

Q : आईएसी विक्रांत को किसने बनाया?
Ans : कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने

Q : आईएसी विक्रांत कितना बड़ा है?  
Ans : दो फुटबॉल मैदानों के बराबर

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मेरा नाम अशोक जांगिड है. मैं जयपुर राजस्थान में रहता हूँ. मुझे कई सालो का ब्लॉग्गिंग का अनुभव है.

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