प्रधानमंत्री की नियुक्ति, कार्य एवं शक्तियां | Prime Minister of India , Work and Powers

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। लोकतंत्र अर्थात शासन की ऐसी पद्धति जिसमें शासक चुनने का अधिकार जनता के हाथों में होता है। लोकतंत्र को प्रजातंत्र या गणतंत्र के नाम से भी जाना जाता है। भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में राष्ट्रपति को संवैधानिक प्रमुख माना गया है जबकि व्यवहार में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति के सभी अधिकारों का प्रयोग करता है। अर्थात व्यवहार में प्रधानमंत्री ही देश का वास्तविक शासक होता है। प्रधानमंत्री के नाम पर ही उस सरकार का नामांकरण होता है। जैसे मनमोहन सरकार, अटल बिहारी की सरकार, वर्तमान में मोदी सरकार आदि। इस प्रकार भारत में प्रधानमंत्री का पद बहुत ही शक्तिशाली है। विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में संसदीय प्रणाली के तहत सरकार चलाने की जिम्मेदारी सरकार के मुखिया के तौर पर प्रधानमंत्री की ही होती है।

प्रधानमंत्री की नियुक्ति (Pradhan Mantri Ki Niyukti)

प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति के द्वारा किया जाता है। राष्ट्रपति बहुमत प्राप्त दल  ( पार्टी ) या गठबंधन के प्रमुख व्यक्ति को प्रधानमंत्री पद के आमंत्रित करता है। लेकिन जब किसी भी पार्टी या गठबंधन को बहुमत प्राप्त नहीं होता है तो राष्ट्रपति अपना विवेक या अधिकार का प्रयोग कर सकता है। प्रधानमंत्री को नियुक्त करने के बाद राष्ट्रपति उसे एक निश्चित समय में लोक सभा में विश्वास मत प्राप्त करने को कहता है। विश्वास मत प्राप्त कर लेने के बाद प्रधानमंत्री अपने पूर्ण अधिकार का प्रयोग करता है।

प्रधानमंत्री पद के लिए योग्यता (Pradhan Mantri Ki Yogyata)

  • उसे भारत का नागरिक होना चाहिए।
  • प्रधानमंत्री बनने के लिए लोकसभा या राज्यसभा का सदस्य होना जरूरी है।
  • यदि कोई व्यक्ति लोकसभा या राज्यसभा दोनों में से कोई भी सदन का सदस्य नहीं है तब भी उसे प्रधानमंत्री नियुक्त किया जा सकता है। लेकिन शर्त यह है कि उसे छः माह के भीतर इन दोनों में से किसी भी एक सदन की सदस्यता प्राप्त करनी होगी।
  • यदि व्यक्ति लोकसभा का सदस्य है तो उसकी उम्र 25 वर्ष और यदि राज्यसभा का सदस्य है तो उसे 30 वर्ष से ऊपर होना चाहिए।
  • अगर कोई व्यक्ति किसी सरकारी पद पर आसीन है तो वह देश का प्रधानमंत्री नहीं बन सकता। इसके लिए उसे पहले उस पद से त्यागपत्र देना होता है।

प्रधानमंत्री का कार्यकाल (Pradhan Mantri Ka Karyakal)

यदि बात करें प्रधानमंत्री के कार्यकाल की तो प्रधानमंत्री को 5 वर्ष के लिए नियुक्त किया जाता है लेकिन, व्यवहार में यह निश्चित नहीं होता है, क्योंकि प्रधानमंत्री अपने पद पर तभी तक बना रह सकता है जब तक उसे लोकसभा में पूर्ण बहुमत का समर्थन प्राप्त है। बहुमत खोते ही संवैधानिक बाध्यता के कारण उसे त्यागपत्र देना पड़ता है।

प्रधानमंत्री के कार्य और शक्तियां (Pradhanmantri Ki Shaktiyan)

  • प्रधानमंत्री देश का प्रधान शासक होता है। प्रधानमंत्री की शक्ति का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि सरकार उसी के नाम पर होती है। जैसे मोदी सरकार आदि।
  • प्रधानमंत्री के सलाह पर ही राष्ट्रपति अन्य मंत्रियों की नियुक्ति करता है।
  • इसके अलावा प्रधानमंत्री मंत्रियों के विभागों का भी निर्धारण करता है।
  • प्रधानमंत्री मत्रिमंडल का भी प्रधान होता है। प्रधानमंत्री के त्यागपत्र के साथ ही सभी मंत्री स्वतः पद से निष्कासित मान लिए जाते है। अर्थात मंत्रिमंडल भंग हो जाता है और सरकार गिर जाती है।
  • प्रधानमंत्री किसी भी मंत्री को उसके पद से हटा सकता है।
  • प्रधानमंत्री मत्रिमंडल का अध्यक्ष होता है। प्रधानमंत्री मंत्रिमंडल और राष्ट्रपति के बीच एक कड़ी का कार्य करता है।
  • इसके साथ ही प्रधानमंत्री राष्ट्रपति के सभी अधिकारों का प्रयोग करता है। अर्थात देश का वास्तविक शासक प्रधानमंत्री होता है न की राष्ट्रपति।
  • प्रधानमंत्री किसी भी समय लोकसभा के भंग करने की अनुशंसा राष्ट्रपति से कर सकता है।
  • प्रधानमंत्री नीति आयोग का अध्यक्ष भी होता है।
  • प्रधानमंत्री मंत्रिमंडल में शामिल किसी भी मंत्री के विभागों में हस्तक्षेप कर सकता है। वो सभी विभागों के विषय में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकता है। क्योंकि शासन का प्रमुख प्रधानमंत्री ही होता है।
  • प्रधानमंत्री के सलाह पर ही राष्ट्रपति राज्यों के राज्यपाल नियुक्ति करता है।

प्रधानमंत्री और मंत्रीपरिषद के बीच संबंध

संविधान की अनुच्छेद 74 (1) में यह व्यवस्था दी गई कि शासन चलाने के लिए भारत के राष्ट्रपति के अंतर्गत एक मंत्रिपरिषद होगा और उस मंत्रिपरिषद का नेतृत्व प्रधानमंत्री करेगा। राष्ट्रपति अपने मंत्रिपरिषद के सलाह के अनुसार ही कार्य करेगा। इस तरह देखा जाएँ तो शासन की वास्तविक कार्यप्रणाली भारत के मत्रिपरिषद के पास निहित है और इस मंत्रिपरिषद का प्रधान, देश का प्रधानमंत्री होता है। इस प्रकार भारत का प्रधानमंत्री न केवल देश के शासन व्यवस्था का प्रधान होता है बल्कि वो अपने अधीन आने वाले मंत्रिपरिषद का भी प्रधान होता है तथा मंत्रिपरिष में शामिल प्रत्येक सदस्य प्रधानमंत्री का आदेश मानने के लिए बाध्य होता है।

प्रधानमंत्री व संसद के बीच संबंध

संविधान के अनुसार प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद का प्रधान और राष्ट्रपति का प्रमुख सलाहकार होता है। प्रधानमंत्री संसद में सरकार की ओर से किसी भी नीति या कार्यो की घोषणा कर सकता है। इसके अलावा प्रधानमंत्री संसद में बतौर सरकार सदस्यों के द्वारा पूछे गए प्रमुख प्रश्नो का उत्तर भी देता है क्योंकि सरकार के कार्यो के लिए प्रधानमंत्री संसद के प्रति जवाबदेह होता है।

भारत के प्रधानमंत्रियों की सूची (List of all Prime Ministers of India)

सं. नाम कार्यकाल
1 जवाहरलाल नेहरू 15 अगस्त, 1947 से 27 मई, 1964
2 गुलजारीलाल नंदा 27 मई, 1964 से 9 जून, 1964
3 लालबहादुर शास्त्री 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966
4 गुलजारी लाल नंदा 11 जनवरी 1966 से 24 जनवरी 1966
5 इंदिरा गांधी 24 जनवरी 1966 से 24 मार्च 1977
6 मोरारजी देसाई 24 मार्च 1977 से 28 जुलाई 1979
7 चौधरी चरण सिंह 28 जुलाई 1979 से 14 जनवरी 1980
8 इंदिरा गांधी 14 जनवरी 1980 से 31 अक्टूबर 1984
9 राजीव गांधी 31 अक्टूबर 1984 से 2 दिसंबर 1989
10 विश्वनाथ प्रताप सिंह 2 दिसंबर 1989 से 10 नवंबर 1990
11 चंद्रशेखर 10 नवंबर 1990 से 21 जून 1991
12 पी. वी. नरसिम्हा राव 21 जून 1991 से 16 मई 1996
13 अटल बिहारी वाजपेयी 16 मई 1996 से 1 जून 1996
14 एच. डी. देव गौड़ा 1 जून 1996 से 21 अप्रैल 1997
15 इंदर कुमार गुजराल 21 अप्रैल 1997 से 19 मार्च 1998
16 अटल बिहारी वाजपेयी 19 मार्च 1998 से 22 मई 2004
17 मनमोहन सिंह 22 मई 2004 से 26 मई 2014
18 नरेंद्र मोदी 26 मई 2014 से अब तक

निष्कर्ष

इसके अलावा प्रधानमंत्री देश का एक लोकप्रिय नेता भी होता है क्योंकि वो देश के शासन का नेतृत्व करता है। चुनाव में वो पार्टी या गठबंधन की जीत दिलवाने में महत्पूर्ण भूमिका निभाता है। उसके नाम पर पार्टी व गठबंधन की दशा व दिशा तय होती है। इस प्रकार प्रधानमंत्री बहुमत दल या गठबंधन का नेता भी होता है। प्रधानमंत्री लोक सभा में सरकार की किसी भी नीति या कार्यो की घोषणा कर सकता है। वो लोकसभा में बतौर सरकार सदस्यों के द्वारा पूछे गए प्रमुख प्रश्नों का उत्तर भी देता है।

भारत में राष्ट्रपति का पद एक औपचारिक या संवैधानिक प्रधान के रूप में होता है जबकि प्रधानमंत्री देश का वास्तविक शासक कहलाता है और वो जनता के द्वारा चुनी गई लोकप्रिय पार्टी या गठबंधन का प्रमुख चेहरा भी होता है। भारत में प्रधानमंत्री ऐसा व्यक्ति होता है जिसमें नेतृत्व करने की करिश्माई क्षमता होती है और  सरकार की सफलता और असफलता उसी के नाम पर तय होती है। इस तरह से प्रधानमंत्री बतौर सरकार देश की जनता के प्रति जवाबदेह भी होता है।

इसको भी पढ़े

मेरा नाम अशोक जांगिड है. मैं जयपुर राजस्थान में रहता हूँ. मुझे कई सालो का ब्लॉग्गिंग का अनुभव है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here